Raat Shayari

में आपको मिलेगा रात से जुडी खुबसूरत शेर-शायरी और होगा प्यार से भरी Chandni Raat Shayari, साथ ही दर्द में डूबी Akeli-Tanha Raat Shayari

हर रात हमारे ख्वाब बदलते हैं, मंजिल नहीं कारवां बदलते हैं।

रात की खामोशी रास नहीं आती, मेरी परछाईं भी अब मेरे पास नहीं आती।

रात की खामोशी

हर रात हमारे

शाम होते ही सज जाता है, तेरी याद का बाजार, बस इसी रौनक से हमारी सारी रात गुजर जाती है।

ये उदास शाम और तेरी ज़ालिम याद, खुदा खैर करे अभी तो रात बाकि है।

उदास शाम

रात गुजर जाती

ये सर्द रात ये तन्हाईयाँ ये नींद का बोझ, हम अपने शहर में होते तो घर गए होते।

रोज़ रात  “रात” की तरह चले आते हो अंधेरा और ख्वाब लिए।

अंधेरा और ख्वाब

सर्द रात ये तन्हाईयाँ

खामोश शहर की चीखती रातें, सब चुप है पर कहने को है हजार बातें।

वो कह के चले इतनी मुलाक़ात बहुत है मैंने कहा रुक जाओ अभी रात बहुत है।

अभी रात बहुत है

शहर की चीखती रातें

कौन कहता है उसकी याद से बे-खबर हूँ मैं, मेरी आंखो से पूछ ले मेरी रात कैसे गुजरती है।

कैद है कुछ ख़्वाब इन खुली आँखों में, न जाने कब जागती रातो का सवेरा होगा?

जागती रातो का सवेरा

रात कैसे गुजरती

रात को रात कह दिया मैंने सुनते ही बौखला गई दुनिया। “हफ़ीज़ मेरठी

रात भी नींद भी कहानी भी हाए क्या चीज़ है जवानी भी। “फ़िराक़ गोरखपुरी

नींद भी कहानी भी

बौखला गई दुनिया

रात भर यह मोगरे की खुशबू कैसी थी? अच्छा तो तुम आए थे मेरी नींदों में। “गुलज़ार

साथ साथ घूमते है, हम दोनों रात भर¸ लोग मुझे आवारा उसको चांद कहते है।  “गुलज़ार

मुझे आवारा उसको चांद

मोगरे की खुशबू

Raat Shayari

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